चींटियों के झुंड पानी में तैरते आ सकते हैं : अलाबामा में चेतावनी जारी

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नई दिल्ली (संवाददाता)। अमेरिकियों के सिर पर मंडरा रहा उष्णकटिबंधीय तूफान सिन्डी (Tropical Storm Cindy) का खतरा भले ही गुरुवार को हल्का होता नज़र आया, जब उसे डाउनग्रेड कर उष्णकटिबंधीय अवसाद (Tropical Depression) घोषित किया गया, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि तटीय इलाकों में रहने वाले अमेरिकावासी पूरी तरह खतरे से बाहर हैं…

जैसे-जैसे तूफान मैदानी इलाकों में प्रविष्ट होकर आगे बढ़ेगा, इसकी वजह से टेक्सास और फ्लोरिडा के बीच इतनी बारिश अब भी हो सकती है, जिससे बाढ़ आ जाए, और इसी की वजह से एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला खतरा मंडराने लगा है, जिसके बारे में पढ़कर आप भी भौंचक्के रह जाएंगे – तैरती हुई लाल चींटियां (fire ants)…

अलाबामा के अधिकारियों के मुताबिक, काटने वाली चींटियों के तौर पर बदनाम ये चींटियां गीली होने पर भी उतनी ही खतरनाक साबित होती हैं, जितनी सूखे रहने पर… अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए स्थानीय निवासियों से चौकन्ना रहने और पानी में बहते चींटियों के किसी भी झुंड पर नज़र रखने के लिए कहा है…

चेतावनी के मुताबिक, “बाढ़ के पानी से ये चींटियां मरने वाली नहीं हैं, बल्कि बाढ़ की वजह से इनकी कॉलोनियां धरती से उखड़ जाएंगी, और ये एक गेंद की शक्ल में घूमती हुई पानी पर तैरती रहेंगी, जब तक किसी सूखे इलाके या चीज़ तक नहीं पहुंच जातीं…”

चेतावनी में आगे कहा गया है, “ये तैरती कॉलोनियां रिबन, पट्टी या गेंद के आकार में तैरती दिख सकती हैं… अमीबा जैसी दिखने वाले चींटियों के ये गुच्छे कॉलोनी के सभी सदस्यों को अपने में समेटे हुए होंगे – कामगार चींटियां, उनके अंडे, लारवा और प्यूपा, पंख वाली नर और मादा चींटियां, ताथा रानी चींटियां…”

अलाबामा अधिकारियों की इस चेतावनी के अनुसार, यह हमलावर प्रजाति बेहद ‘अशिष्ट’ होती है, और मकानों के मलबे जैसी किसी भी चीज़ के संपर्क में आते ही उससे लिपट जाएंगी… चेतावनी में निवासियों को सलाह दी गई है कि चींटियों की किसी भी ऐसी कॉलोनी से सामना होते ही उससे जल्दी से जल्दी निपट लिया जाए… अलाबामा अधिकारियों ने इन खतरनाक चींटियों से बचाव के लिए स्थानीय निवासियों से दस्ताने, पूरी बांह की कमीज़ें, लम्बी पतलूनें तथा जूते-जुराब पहने रहने का भी आग्रह किया है, और सलाह दी है कि अपने शरीर पर इन्सेक्ट रिपेलेंट भी स्प्रे करें…

अमेरिकन ऑस्टियोपैथिक कॉलेज ऑफ डरमैटोलॉजी के मुताबिक, लाल चींटियां अपने हमलावर स्वभाव और तीखे दंश के लिए जानी जाती हैं, जो उनके सिर पर मौजूद ‘चुभने वाले जबड़े’ (pinching mandibles) और शरीर के पिछले हिस्से में मौजूद तीखे डंक (stinger) के बूते होता है… कॉलेज के मुताबिक ये चींटियां ’30 के दशक में दक्षिण अमेरिका से एक दुर्घटना के परिणामस्वरूप अलाबामा पहुंची थीं, और फिर पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में फैल गईं…

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